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देव क्षेत्र का विष्णु बांध सिंचाई के साथ बना हुआ है वरदान

सुरेश चौरसिया

देव। औरंगाबाद जिला स्थित देव क्षेत्र हमेशा गौरव का केंद्र रहा है। यहां प्रसिद्ध सूर्य मंदिर विख्यात तो है ही, साथ ही देव स्टेट का गौरव कम नहीं रहा है। देव स्टेट के अंतिम राजा राजा जगन्नाथ प्रसाद सिंह ” किंकर” एक ऐसे राजा हुए हैं जिन्होंने अपनी काबिलियत से कई ऐसे काम भी किए हैं, जो जनता के लिए बड़ा उपयोगी साबित हुआ है और हो रहा है।

बता दें कि देव स्टेट के राजा जगन्नाथ प्रसाद किंकर ने जनता के सहयोग से एक ऐसे बांध का निर्माण किया था, जिसे लोग विष्णु बांध के नाम से जानते हैं। यह बांध केताकी ग्राम पंचायत क्षेत्र के पूर्वी भाग में पड़ता है और यह तब बना था जब देश गुलामी की जंजीरों से बंधा हुआ था। तब बांध बनाने का कोई साधन नहीं था, लेकिन राजा ने जनता के सहयोग से अपनी अद्भुत क्षमता का परिचय देते हुए एक ऐसा बांध बनाने में सफल रहे, जो संभवतः भारत का पहला किसी राज घराने का स्वत्व निर्मित बांध है जिसे सिर्फ और सिर्फ जनता के सहयोग से बनाया गया था। यह बांध देव क्षेत्र के कृषि सिंचाई का सबसे बड़ा माध्यम बन गया। देव के अमीरी में इस बांध का बड़ा सहयोग माना जाता है।

इस बांध की गुमनामी की चर्चा तब प्रकट हुई जब कौन बनेगा करोड़पति के हॉट सीट से यह प्रश्न पूछा गया था। तब जवाब जवाब न प्रतियोगी के पास था और न दर्शक जनता के पास। ऐसा इसलिए हुआ कि इसे कोई ऐतिहासिक दर्जा आज तक मिला ही नहीं है। बहरहाल, इससे कम से कम लोगों का इस तरफ ध्यान गया ही है।

यह बांध देव क्षेत्र के लिए वरदान बना हुआ है। हालांकि कोयल नहर के बन जाने से देव क्षेत्र के विकास में चार चांद लगा है। खेती का क्षेत्र जो पहले अकाल से ग्रसित होता था, आज कोयल नहर के प्रभाव से क्षेत्र में धान की बम्पर पैदावार होती है। पहले यहां अनाजों का बड़े पैमाने पर दूसरों जिलों से आयात किया जाता था लेकिन आज यह क्षेत्र अनाज का मुख्य रूप से चावल का निर्यातक बन गया है।

आज भी विष्णु बांध से देव क्षेत्र के ग्राम पड़रिया, दोषमा,चेता बिगहा, फुलवरिया, केताकी, एरौरा, बरई बिगहा, जोधपुर आदि के निवासी बड़ा लाभ उठा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र का यह बांध अपनी खूबसूरत रमणीयता के लिए भी जाना जाता है।

विष्णु बांध की एक झलक/ फोटो साभार !

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