नोएडा एनसीआर की बड़ी खबरें….

  • बदमाशों ने सोसाइटी के गार्ड रूम पर बरसाई गोलियां

नोएडा। ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की देर रात बदमाशों ने आतंक मचाया। बदमाशों ने बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई के दफ्तर, जिम, मकान, जेपी अमन सोसाइटी के गार्ड रूम पर 20 से अधिक राउंड फायरिंग की। गोली लगने से दीवार और शटर में छेद हो गए। पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो सेक्टर-150 के पास बदमाशों की कार का एक्सेल टूट गया और कार पलट गई। इसके बाद बदमाश कार छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। कार से लाइसेंसी राइफल, पिस्तौल और तमंचा मिला है। पुलिस ने बदमाशों को जल्द पकड़ने का दावा किया है।
नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के गुजरान डेरी गांव में प्रवीण कसाना बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का दफ्तर है। इसी के पास ईंट भट्ठा मालिक हरि सिंह रहते हैं। प्रवीण कसाना ने बताया कि उनके दफ्तर में शनिवार रात करीब 11 बजे कार सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे शटर और दीवार में 10 से अधिक छेद हो गए। इसके बाद बदमाशों ने हरि सिंह के मकान फायरिंग की। मकान की दीवार में पांच से अधिक छेद हो गए। बदमाश यहीं नहीं रुके और उनका आतंक जारी रहा। इसके बाद बदमाशों ने बदौली गांव स्थित जिम और गढ़ी गांव में कई राउंड फायरिंग की है। इससे लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद बदमाशों ने जेपी अमन सोसाइटी के गार्ड रूम में फायरिंग की। फायरिंग में गार्ड राधे श्याम बाल-बाल बच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कारतूस के खोखे बरामद किए।

नॉलेज पार्क पुलिस ने पीछा किया तो भागे बदमाश

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा विशाल पाण्डेय ने बताया कि रात में ब्रेजा कार से जा रहे एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि कार सवार बदमाश उसका पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में चेकिंग शुरू करा दी गई। नॉलेज पार्क पुलिस को बदमाशों की कार दिखी तो उसका पीछा शुरू कर दिया। पुलिस को देखकर बदमाशों ने कार भगाना शुरू कर दिया। रफ्तार के चलते कार का एक्सल टूट गया। इससे कार सेक्टर-150 समृद्धि अपार्टमेंट के पास के पास पलट गई। अंधेरे का फायदा उठाकर कार सवार तीन बदमाश फरार हो गए।

तीन टीमें दे रहीं दबिश

पाण्डेय ने बताया कि नॉलेज पार्क पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। कार से एक लाइसेंसी राइफल, पंप एक्शन गन और अवैध पिस्तौल बरामद हुई है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। बदमाशों की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। इसके अलावा बरामद हथियारों के बारे में जानकारी की जा रही है। फायरिंग के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • बिल्डर के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन

नोएडा। सेक्टर-79 सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी के लोगों ने बिल्डर की मनमानी, दुर्व्यवहार और समस्याओं के प्रति उदासीनता के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। दोपहर एक घंटे तक लोगों ने अपनी नाराजगी प्रकट की।
सोसाइटीवासियों ने बताया कि अपनी समस्याओं को बिल्डर के प्रतिनिधियों को कई बार बता चुके हैं। पहले भी सोसाइटी के लोगों ने प्रदर्शन किया था परंतु बिल्डर लोगों की समस्याओं के प्रति उदासीन है। दो वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिकन फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी में मनमाने ढंग से पार्किंग बनाई गई है। गलत तरह से पार्किंग आवंटित भी की गई है। आग से बचाव के नियमों का भी उल्लंघन किया गया है। बारिश के दौरान बेसमेंट में पानी टपकता रहता है। आए दिन लिफ्ट खराब हो जाती है।

  • नोएडा प्राधिकरण बिल्डरों से बकाए राशि वसूलने के लिए तैयार

नोएडा। ग्रुप हाउसिंग के बिल्डरों से बकाया लेने के लिए नोएडा प्राधिकरण अगले महीने से सख्ती बरतना शुरू करेगा। बिल्डरों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। शीर्ष पांच बकायेदार बिल्डरों में सुपरटेक भी शामिल है। बकायेदार बिल्डरों की बिना बिकी संपत्ति जब्त की जाएंगी। इसके अलावा आरसी भी जारी की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों पर बकाये की ताजा सूची जारी की है। इसमें यूनिटेक पर सबसे ज्यादा करीब 8 हजार करोड़, आमप्राली पर 3 हजार करोड़, एम्स मैक्स गार्डेनिया पर 1123 करोड़, ग्रेनाइट गेट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड पर 780 करोड़, सुपरटेक पर 645 करोड़, लॉजिक्स इंफ्राटेक लिमिटेड पर 555 करोड़, गार्डेनिया एम्स डेवलेपर पर 544, लॉजिक्स सिटी पर 490 करोड़, थ्री सी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर 421 करोड़, ओमेक्स बी बिल्ड होम पर 380 करोड़, रेड फोर्ट जहांगीर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड पर 358 करोड़ और लॉजिक्स इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड पर 326 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा बाकी बिल्डर परियोजनाओं पर भी 50 से लेकर 300 करोड़ रुपये तक बकाया हैं। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि बकायेदार बिल्डरों पर अगले महीने से कार्रवाई की जाएगी। इसकी वजह यह है कि अभी उच्चतम न्यायालय में बकाये पर ब्याज दर को लेकर सुनवाई चल रही है। अब मामले में 1 नवंबर को सुनवाई होनी है।
प्राधिकरण अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि एक या दो तारीख में अब इस मामले में फैसला आ जाएगा। ऐसे में नवंबर अंत तक बकायेदार बिल्डरों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी जाएगी। जिन परियोजनाओं में बिना बिकी संपत्ति है, उसको सील किया जाएगा। इसके अलावा आरसी भी जारी की जाएगी।

गौरतलब है कि बकाये पर ब्याज को लेकर बिल्डरों व प्राधिकरण के बीच मामला उच्चतम न्यायालय में चल रहा है। इस मामले में जुलाई 2019 में में न्यायालय ने एमसीएलआर के मुताबिक यानि साढ़े आठ प्रतिशत के हिसाब से बिल्डरों से वर्ष 2010 से बकाया लेने का आदेश प्राधिकरण को दिया था। वहीं, प्राधिकरण 11 से 24 प्रतिशत पर बकाए पर ब्याज लेता है। इस पर नोएडा प्राधिकरण ने पुर्नविचार याचिका सितंबर 2019 में दायर कर दी थी, जिस पर सुनवाई चल रही है।

  • बिजली गिरने से मां और बेटे घायल

नोएडा।थाना फेस 3 क्षेत्र के बसई गांव में रविवार दोपहर तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली मकान पर गिरने से महिला और उसका चार साल का बेटा घायल हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय महिला की छोटी बेटी घर से बाहर थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल मां-बेटे को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
गढ़ी चौखंडी पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि सेक्टर 70 बसई गांव में अजय कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। रविवार को अजय अपनी कंपनी में गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी प्रेमलता और चार साल का बेटा कान्हा मौजूद थे, जबकि उनकी ढाई साल की बेटी घर के बाहर पड़ोस में थी। इसी बीच दोपहर करीब 2 बजे तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली अजय कुमार के मकान पर गिरी, जिससे मकान की छत नीचे गिर गई और प्रेमलता और उनका बेटा कान्हा मलबे में दब गए। हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची फेस-3 थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे से निकालकर प्रेमलता और उनके बेटे को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। चौकी प्रभारी ने बताया कि महिला और उनके बेटे की हालत खतरे से बाहर है। फिलहाल उनका इलाज किया जा रहा है।

  • डेंगू के मरीज में बढ़ोतरी

नोएडा। जिले में पिछले दो सप्ताह में डेंगू के मरीज तीन गुना बढ़ गए हैं। वहीं बीमारी के संदिग्ध मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस बार मलेरिया के मुकाबले डेंगू के मरीजों की संख्या भी तीन गुना अधिक हैं। ऐसा पहली बार हुआ कि मलेरिया के मुकाबले डेंगू के मरीज अधिक हुए हैं।
बता दें कि सितंबर महीने तक डेंगू के 65 मरीजों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की थी। वहीं, अक्टूबर के पहले 15 दिनों में 128 डेंगू के मरीजों का अस्पताल में इलाज हुआ। अब कुल मरीजों की संख्या 193 हो गई है। कुल मरीजों का करीब 66 प्रतिशत मरीज अक्टूबर में मिले। सबसे अधिक मरीज नोएडा में मिले। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही सोसाइटी के मरीज भी शामिल हैं। डेंगू के मरीजों के लक्षण में भी बदलाव देखे गए हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. ए.के. शुक्ला बताते हैं कि पहले पांच-सात दिनों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरते थे, लेकिन इस बार तीन से पांच दिनों में ही इसमें गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में बुखार होने पर जांच करानी जरूरी है, ताकि सही समय पर इलाज मिल सके।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि मच्छरों के पनपने का स्थान मिलने पर वहां दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। नोटिस भी जारी किया जा रहा है। दोबारा यही स्थिति मिलने पर जुर्माना भी किया जा सकता है। साथ ही डेंगू के मरीज मिलने के स्थान के साथ ही आसपास की जगहों पर भी दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को बीमारी से लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

बुखार के मरीजों में भी इजाफा

जिले में बुखार के मरीज भी बढ़े हैं। दो दिन बाद खुले जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आए। इसमें 600 से अधिक मरीज बुखार के थे। 50 से अधिक डेंगू के संदिग्ध मरीज भी थे। इन मरीजों के लक्षण के आधार पर डेंगू की जांच कराई गई है। निजी अस्पतालों में 300 से अधिक डेंगू के संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है। तीन संदिग्ध मरीज की मौत भी हुई है। हालांकि, इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

  • बाइक सवार बदमाशों ने युवक का मोबाइल लूटा

नोएडा। सेक्टर-62 में बाइक सवार बदमाशों ने युवक से मोबाइल फोन लूट लिया और फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने सेक्टर-58 थाने में मामले की शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-58 थाना क्षेत्र निवासी किशनवीर सिंह ने पुलिस से शिकायत की है कि दो दिन पहले उनका बेटा सारांश टेंपो से सेक्टर-62 जा रहा था। इस दौरान जब वह सेक्टर-62 स्थित उबर स्कूल के पास टेंपो से उतरने लगा। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन लूट लिया। जब तक सारांश कुछ समझ पाता तब तक बदमाश मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-58 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • पराली जलाने से बिगड़ने लगी आबोहवा

बारिश से थोड़ा राहत महसूस

नई दिल्ली। पराली के प्रदूषण के चलते राजधानी की आबोहवा अब फिर से बिगड़ने लगी है। दिल्ली के आठ इलाकों में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर यानी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया और मॉनसून लौटने के साथ ही पराली का धुआं एक बार फिर दिल्ली का दम घोंटने आ पहुंचा है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में रविवार को हुई हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार होने की उम्मीद है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया और पीएम 2.5 भी वापस आ गया। हालांकि, बीते कुछ दिनों से पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं, जिससे दिल्ली की हवा बिगड़ने लगी है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत से इस साल मॉनसून की वापसी देर से हुई। आधिकारिक तौर पर आठ अक्टूबर को दिल्ली से मॉनसून के बादल छंटे हैं। इसके साथ ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो गई है। वहीं पंजाब और हरियाणा के खेतों में धान की फसल के बचे-खुचे हिस्से यानी पराली को जलाने की घटनाओं में तेजी आई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार के दिन दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 284 अंक रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 198 अंक था। एक दिन के भीतर सूचकांक में 84 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है।

तीन महीने बाद खराब हुई दिल्ली की हवा: राजधानी दिल्ली में सामान्य तौर पर वायु गुणवत्ता मानकों पर पूरी खरी नहीं उतरती है, लेकिन मॉनसून के सीजन में हवा आमतौर पर साफ-सुथरी रहती है। इस बार मॉनसून का आगमन देर से होने के चलते जुलाई महीने के शुरुआती दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही थी। 02 जुलाई के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 245 अंक पर रहा था। इसके बाद से कोई दिन ऐसा नहीं रहा था, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 अंक के ऊपर पहुंचा हो।

पराली के धुएं की हिस्सेदारी 14 फीसदी : केंद्र द्वारा संचालित संस्था सफर के मुताबिक, दिल्ली की हवा में पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी शनिवार के दिन 14 फीसदी तक पहुंच गई। पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी आई है और हवा की दिशा फिलहाल उसी तरफ से है। इसके चलते यह धुआं दिल्ली-एनसीआर की ओर आ रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रापिकल मेट्रोलॉजी के मुताबिक 15 अक्टूबर के दिन पंजाब में पराली जलाने की 680 और हरियाणा में 363 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

बेहद खराब श्रेणी में आठ जगहों की हवा: दिल्लीवालों के लिए चिंता की बात यह है कि आठ इलाके ऐसे हैं, जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के अंक के ऊपर पहुंच गया है। सीपीसीबी के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 अंक से ऊपर होने पर उसे खराब श्रेणी में रखा जाता है, जबकि सूचकांक 300 अंक से ऊपर होने पर उसे बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। यानी दिल्ली के आठ इलाकों की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।

सामान्य से ढाई गुना तक प्रदूषित : मानकों के मुताबिक हवा में प्रदूषक कण पीएम-10 की मात्रा 100 और पीएम-2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से नीचे हो तो उसे स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन दिल्ली की हवा में अभी प्रदूषण का स्तर ढाई गुने तक पहुंच गया है। सीपीसीबी के मुताबिक शनिवार की शाम हवा में पीएम-10 की मात्रा 277 और पीएम-2.5 की मात्रा 136 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। इसकी तुलना अगर एक दिन पहले से करें तो शुक्रवार शाम चार बजे पीएम-10 की मात्रा 204 और पीएम-2.5 की मात्रा 85 अंक थी।

एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया

गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को बेहद खराब श्रेणी में 349 दर्ज किया गया। इस सीजन में यह सबसे अधिक है। बीते कुछ दिन से लगातार वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। शु्क्रवार के मुकाबले शनिवार को एक्यूआई में एक ही दिन में 104 अंक का उछाल आया है। इसकी बड़ी वजह जाम और सड़क पर धूल है। आने वाले दिनों में बारिश के बाद प्रदूषण में और उछाल आने के आसार हैं। पिछले वर्ष भी जिले में हवा बेहद खराब हो गई थी। आलम यह था कि गाजियाबाद का नाम दुनिया के प्रदूषित शहरों में आ गया था।

दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा

हवा की गति मंद पड़ते ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा शनिवार को बहुत खराब हो गई। दोनों शहरों का एक्यूआई 300 से पार दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सोमवार से बोर्ड और प्राधिकरण की टीमें निरीक्षण करेंगी। गाजियाबाद के बाद ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई शनिवार को 312 दर्ज किया गया और ग्रेनो का 330 रहा। दोनों शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई।

छह गुना अधिक प्रदूषण दर्ज किया

फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र में शनिवार को भी प्रदूषण का स्तर पांच से छह गुना अधिक बना रहा। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक फरीदाबाद में 264 और बल्लभगढ़ में 290 रहा। ऐसी स्थिति बीते छह दिन से लगातार बनी हुई है, जब बल्लभगढ़ की स्थिति फरीदाबाद के मुकाबले अधिक खराब है। बीते कुछ दिनों से सरुरपुर औद्योगिक इलाके और सेक्टर-58 व 59 के इलाके में रात में कूड़ा जलाया जा रहा है। उधर, प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम प्रत्येक वार्ड में दो टीम का गठन करने जा रहा है। ये टीम प्रदूषण नियंत्रण के दिशा-निर्देशों का पालन कराने का काम करेंगी।

कूड़ा जलने से ज्यादा बिगड़ रहे हालात

जिले की आबोहवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। शनिवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 308 रिकॉर्ड किया गया, जो इस माह का सबसे अधिक प्रदूषण का स्तर रहा। इसके अलावा मानेसर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 317 रिकॉर्ड किया गया। मिलेनियम सिटी में आबोहवा जहरीली होने के कई कारण हैं, लेकिन शहर में मुख्य कारण सड़कों पर धूल उड़ना और कूड़ा जलाना है। आबोहवा को प्रदूषित होने से रोकने के लिए छह से अधिक विभागों के 41 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन इस पर अमल कहीं दिख नहीं रहा है।

40 से ज्यादा पहुंचता रहा है पराली का प्रदूषण

दिल्ली में शनिवार के दिन प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी 14 फीसदी तक रही। इसके साथ ही दिल्ली की हवा के खराब श्रेणी में पहुंचने की शुरुआत भी हो गई। पिछले सालों में दिल्ली के प्रदूषण में पराली के प्रदूषण की हिस्सेदारी 40 फीसदी से भी ज्यादा तक पहुंचती रही है।

आफत : 25 नवंबर तक परेशान करेगा

पंजाब, हरियाणा व यूपी के खेतों में आमतौर पर अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही पराली जलाने की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इसका ज्यादा असर 15 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देखा जाता रहा है। खासतौर पर दीपावली के आसपास पराली का धुआं ज्यादा हालात खराब कर देता है।

पूर्वी हवा और हल्की बारिश से मिलेगी राहत

सफर के मुताबिक, पूर्वी हवा और हल्की बारिश से खराब हवा से राहत मिलेगी। रविवार के दिन भी दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में रह सकती है, लेकिन इसके बाद पूर्वी हवाओं के चलने और हल्की बरसात होने से अगले तीन दिन तक वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहने की उम्मीद है।

लगातार बढ़ोतरी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रापिकल मेट्रोलॉजी के मुताबिक,15 अक्टूबर के दिन पंजाब में पराली जलाने की 680 और हरियाणा में 363 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

  • रामलीला को लेकर विवादित वीडियो बनाया

नई दिल्ली। देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (एम्स) में रामलीला को लेकर नाटक का विवादित वीडियो सामने आया है। रामलीला के प्रसंगों और पात्रों का उपहास करते हुए एम्स के एमबीबीएस छात्र इतने आगे निकल गए कि उन्होंने भगवान राम, सीता व लक्ष्मण के बारे में भी अपशब्द बोले। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा वीडियो एम्स परिसर में हास्टल के सामने स्थित बास्केट बाल कोर्ट में फिल्माया गया, लेकिन हास्टल प्रभारी या किसी अधिकारी ने रोकने की कोशिश तक नहीं की।
बाद में यू ट्यूब चैनल एम्स इनसाइडर के माध्यम से यह वीडियो सार्वजनिक कर दिया गया। वीडियो इंटरनेट मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर वायरल हो जाने पर लोग आपत्ति करते हुए वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी आरोपितों और इस नाटक के कथित निदेशक और एमबीबीएस के छात्र शोएब आफताब के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ने पर छात्र एसोसिएशन ने माफी मांगी है, लेकिन एम्स प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बताया जा रहा है कि शोएब राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) का टापर रहा है। वह यू-ट्यूब पर एम्स इनसाइडर इंटरनेट मीडिया चैनल चलाता है, जिसके 48 हजार से ज्यादा फालोवर हैं। उसपर रामलीला के पात्रों पर बनाए गए नाटक को निर्देशित करने का आरोप लग रहा है। रामलीला के पात्रों पर बनाए गए वीडियो के दायें कार्नर पर एम्स इनसाइडर का लोगो भी लगा है। विवाद बढ़ जाने पर शोएब ने ट्वीट में नाटक देखने और वीडियो शेयर करने की बात मानी है और इसके लिए माफी भी मांगी है, लेकिन खुद के इस नाटक से किसी तरह से जुड़ा होने से इन्कार किया है। वीडियो में सात छात्र-छात्राएं रामलीला के अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं।

  • सीबीएसई की परीक्षा 15 नवंबर से 18 दिसंबर तक

नई दिल्ली। सीबीएसई ने सभी विषयों को मेजर और माइनर श्रेणी में बांटा है। उसके आधार पर ही बोर्ड स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा लेगा। सूत्रों के मुताबिक परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होकर 18 दिसंबर तक चलेंगी। इसमें माइनर विषयों की परीक्षा 15 नवंबर और मेजर विषयों की परीक्षा 24 नवंबर से शुरू होगी। इसमें 15 नवंबर को 12वीं की फैशन डिजाइनिंग, कास्ट अकाउंटिंग, बेकरी, सिक्योरिटी की परीक्षा होगी।
24 नवंबर को रसायन विज्ञान की परीक्षा

वहीं, 24 नवंबर को रसायन विज्ञान की परीक्षा होगी। 25 नवंबर को अंग्रेजी, 26 नवंबर को बिजनेस स्टडीज, 27 नवंबर को समाजशास्त्र, 28 नवंबर को गणित, तीन दिसंबर को राजनीति विज्ञान, चार दिसंबर को अकाउंटेंसी, छह दिसंबर को जाव विज्ञान, सात दिसंबर को हिंदी, आठ दिसंबर को भौतिक विज्ञान, नौ दिसंबर को भूगोल, 10 दिसंबर को संस्कृत, 11 दिसंबर को अर्थशास्त्र, 14 दिसंबर को इतिहास विषय का पेपर होगा।
18 नवंबर को चित्रकला की परीक्षा
वहीं, 18 नवंबर को चित्रकला, 19 नवंबर को कंप्यूटर साइंस का और 22 नवंबर को शारीरिक शिक्षा विषय का पेपर होगा। 12वीं का आखिरी पेपर 18 दिसंबर को मनोविज्ञान, टैक्सेशन और इंश्योरेंस विषय का होगा। सभी पेपर बहुविकल्पीय होंगे। परीक्षा के लिए छात्रों को कुल 90 मिनट का समय दिया जाएगा। परीक्षा 11:30 बजे सुबह शुरू होगी जोकि दोपहर 1 बजे तक चलेगी।
वहीं, बोर्ड ने अभी आधिकारिक तौर पर परीक्षा की तिथियां जारी नहीं की हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा 18 अक्टूबर को करेगा।


[शालीमार बाग में 1,430 बेड के अस्पताल का किया शिलान्यास

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने रविवार को शालीमार बाग में 1,430 बेड के सरकारी अस्पताल का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुल 6,800 बेड क्षमता के सात नए अस्पताल छह माह में बनाए जाएंगे। यह अपने आप में विश्व में एक रिकार्ड होगा कि छह माह में 6,800 बेड के सात अस्पताल बनकर तैयार होंगे। एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। जब अप्रैल में दूसरी लहर आई थी तो अस्पतालों में सबसे ज्यादा कमी बेड, आक्सीजन और आइसीयू बेड की हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाएं आज पूरे देश में सरकारी महकमे के अस्पतालों में सबसे अच्छी हैं। अब इसको हमें विश्वस्तरीय बनाना है। आने वाले समय में हम हेल्थ इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआइएमएस) लागू करने जा रहे हैं। अगले एक-डेढ़ साल के अंदर दिल्ली के हर नागरिक का हेल्थ कार्ड होगा। उसके हेल्थ का पूरा डेटा कंप्यूटर पर होगा। लोगों की अस्पताल में लंबी-लंबी लाइनें लगनी बंद हो जाएंगी। लोग एप के जरिए डाक्टर से मिलने का समय लेंगे। जिसके पास हेल्थ कार्ड होगा, उसका पूरा इलाज मुफ्त होगा। मुझे नहीं लगता कि दुनिया के किसी भी देश में अभी तक ऐसा सिस्टम है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने एक ईमानदार सरकार को चुना है। जिसका नतीजा है कि 2015 से पहले अस्पताल में एक बेड को तैयार करने में एक करोड़ की लागत आती थी, लेकिन हमारी सरकार मात्र बीस लाख खर्च कर आइसीयू बेड तैयार कर रही है। कोरोना के वक्त में पूरी दुनिया ने मेडिकल सुविधाओं की जरूरत को समझा है। हमारी सरकार अपने पहले दिन से ही स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का काम कर रही है।
अस्पताल का हर बेड होगा आइसीयू मुख्यमंत्री ने कहा कि शालीमार बाग में 275 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अस्पताल छह माह में तैयार हो जाएगा। इस अस्पताल का हर बेड आइसीयू बेड होगा। हर बेड पर आक्सीजन, मानिटर आदि की सुविधा होगी। इसे समान्य बेड की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, क्षेत्रीय विधायक बंदना कुमारी भी थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने भी अस्पताल का निर्माण कार्य अगले छह महीने में पूरा कर लेने की बात कही।
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण बढ़ा प्रदूषण मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों के अंदर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है। ऐसा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण हो रहा है। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रण में थी और हम एक माह से ट्वीट कर इसकी जानकारी दे रहे हैं। हमने पराली को गलाने के लिए घोल तैयार किया है। लेकिन पंजाब व अन्य राज्यों के किसान पराली नहीं जलाएं, इसके लिए वहां की सरकारें कोई कदम नहीं उठा रही हैं। पड़ोसी राज्यों के सरकार को भी इस दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार से टैक्स कम कर लोगों को राहत देने की अपील की।

  • जुड़वा भाइयों की 25 वीं मंजिल गिरकर संदिग्ध मौत

गाजियाबाद। जिले में शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड सोसायटी की 25वीं मंजिल से गिरकर 14 वर्षीय जुड़वा भाइयों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।
गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड सोसायटी में रहने वाले पलानी मुदलिया प्रोटिमा कंपनी के एडमिन हेड हैं। उनके परिवार में दो जुड़वा बेटे सत्या नारायण और सूर्या नारायण, बेटी गायत्री और पत्नी राधा मुदलिया हैं। पलानी मुदलिया 12 दिनों से कंपनी के काम से मुंबई गए हुए थे।
शनिवार रात घर पर पत्नी और बच्चे मौजूद थे। एक कमरे में मां-बेटी टीवी देख रहे थे तो दूसरे में जुड़वा भाई मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। रात करीब एक बजे राधा मुदलिया बच्चों को देखने उनके कमरे में गई तो वह वहां पर नहीं थे। बालकनी से झांककर देखा तो दोनों 25वीं मंजिल से नीचे गिरे पड़े थे। दोनों की मौके पर मौत हो चुकी थी।
बालकनी में कुर्सी और उस पर लकड़ी का पटरा रखा मिला
परिजनों के मुताबिक बालकनी में पहले कुर्सी रखी गई और उस पर लकड़ी का पटरा रखा मिला। दोनों जुड़वा भाई 25वीं मंजिल से कूदे हैं या किसी हादसे का शिकार हुए पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। माता-पिता से बच्चों के व्यवहार के बारे में जानकारी ली जा रही।

  • बेटा के बालीग होने से बाप जिम्मेदारी से मुक्त नहीं : हाई कोर्ट

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि कोई बाप अपने बेटे की शिक्षा का खर्चा उठाने की जिम्मेदारी से सिर्फ इसलिए मुक्त नहीं हो सकता कि उसका बेटा बालिग (18 साल का) हो गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्ति को अपने बच्चों के समाज में उनका जीवनयापन करने लायक बनने तक उनका वित्तीय खर्चा उठाना होगा और वह सिर्फ इसलिए अपने बेटे की पढ़ाई का पूरा खर्च अपनी पत्नी पर नहीं डाल सकता क्योंकि बच्चे की आयु 18 साल हो गई है।
न्यायाधीश सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, कोई व्यक्ति अपने बेटे की पढ़ाई के खर्च से इसलिए मुक्त नहीं हो सकता क्योंकि वह बालिग हो गया है लेकिन वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर नहीं है। व्यक्ति को अपनी पत्नी को मुआवजा भी देना होगा जिसके पास बच्चों पर खर्चा करने के बाद अपने लिए मुश्किल से कुछ बचता है।
कोर्ट का यह आदेश उसके पूर्व के एक आदेश की पुनर्विचार याचिका पर आया है जिसमें याचिकाकर्ता को उससे अलग हो चुकी पत्नी को तबतक प्रति महीने 15,000 रुपये का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था जबतक उसका बेटा ग्रेजुएशन पूरी करता या रुपये कमाना शुरू नहीं कर देता। इससे पहले एक फैमिली कोर्ट ने आदेश दिया था कि बेटे को तबतक गुजारा भत्ता दिया जाएगा जबतक वह बालिग नहीं हो जाता और बेटी को तबतक गुजारा भत्ता देना होगा जबतक वह नौकरी नहीं करने लगती या उसकी शादी नहीं हो जाती।
हाईकोर्ट ने कहा कि ज्यादातर घरों में सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों से महिलाएं काम नहीं कर सकतीं और इसलिए वे खुद को आर्थिक रूप से नहीं संभाल सकतीं। हालांकि जिन घरों में महिलाएं काम करती हैं और अपने खर्चे के लिए पर्याप्त कमाई करती हैं, वहां स्वाभाविक रूप से यह मतलब नहीं हो जाता कि वहां पति अपने बच्चों की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गया है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को सुविधाएं प्रदान करना पिता का भी समान कर्तव्य है और ऐसी कोई स्थिति नहीं है जब सिर्फ मां को अपने बच्चों को पालने और उनकी शिक्षा का खर्च वहन करना पड़े।
कोर्ट ने कहा कि यह आसानी से मान लिया जाता है कि 18 साल की आयु में बच्चा 12वीं क्लास में है या स्नातक के पहले साल में है। लेकिन उसे इस स्थिति में नहीं रख सकते कि वह अपना खर्चा चलाने लायक कमाता हो। कोर्ट ने कहा कि इससे बच्चे की पढ़ाई का पूरा खर्चा मां पर आ जाता है और इसमें पिता का कोई योगदान नहीं होता। कोर्ट इस स्थिति का समर्थन नहीं कर सकती।
अलग हो चुके दंपत्ति की नवंबर 1997 में शादी हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। उनका नवंबर 2011 में तलाक हो गया और अब बेटा 20 साल और बेटी 18 साल की है। कोर्ट को बताया गया था कि महिला दिल्ली नगर निगम में अपर डिवीजन क्लर्क के तौर पर काम करते हुए 60,000 रुपये प्रति महीने कमाती है और रिकॉर्ड्स बताते हैं कि व्यक्ति ने जो आय प्रमाण पत्र जमा किए थे, उनके अनुसार नवंबर 2020 को उसकी आय 1.67 लाख रुपये प्रति महीने थी।

  • बारिस का पानी फ्लैट में घुसा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला ग्रीन शायर सोसाइटी में बारिश के बाद जी-8 और जी-9 टावर के फ्लैट में पानी घुस गया। सोसाइटी निवासी कपिल खरे ने बताया कि टावर के कई पाइप कूड़ा जमा होने की वजह से बंद पड़े हैं, ऐसे में बारिश की बाद हर बार समस्या होती है। रविवार को बारिश के चलते दोनों टावर के बीच पाइप से पानी ओवर फ्लो होकर फ्लैट में बालकनी के जरिए भर गया, जिससे पूरा घर पानी-पानी हो गया। यही स्थिति पार्किंग की बनी रही। पाइप से पानी लीक होकर पार्किंग में भरा गया। उधर, इरोज सम्पूर्णम सोसाइटी में बारिश के बाद बेसमेंट तालाब में तब्दील हो गया। पार्किंग एरिया में खड़ी गाड़ियां पानी में फंसने से लोग परेशान दिखाई दिए।
वहीं, ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिसके चलते लोगों को गंदे पानी से गुजरना पड़ा। अल्फा-1 सेक्टर में सी ब्लॉक मार्किट के बाहर पानी जमा होने से लोग परेशान दिखाई दिए। वहीं, डेल्टा-1, 2 में कई ब्लॉक जलभराव की समस्या देखने को मिली।

  • दिल्ली / एनसीआर में झमाझम बारिस से मौसम हुआ खुशगवार

नई दिल्ली। दिल्ली, नोएडा समेत एनसीआर के कई इलाकों में रविवार सुबह को बूंदाबांदी हुई तो दोपहर को को तेज हवाओं के साथ तेज बारिश देखने को मिली। इससे तापमान में भी गिरावट आई और मौसम सुहाना हो गया।
मौसम विभाग ने पश्चिम यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने का अनुमान जताया है। विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बने निम्न दबाव से मौसम में ऐसा बदलाव देखने को मिला है। कम दबाव वाले क्षेत्र से बादल पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दक्षिणपूर्व हरियाणा की ओर बढ़ रहे हैं।
आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। साथ ही 30 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली एनसीआर के लोनी देहात, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, बहादुरगढ़ और नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में भी ऐसा ही मौसम है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि दिल्ली के करावल नगर, दिलशाद गार्डेन, सीमापुर, सीलमपुर, शाहदरा, विवेक नगर, लाल किला, प्रीति विहार समेत कई इलाकों में हल्की बारिश से लेकर बूंदाबांदी होती रहेगी।
मौसम विभाग का कहना है कि हरियाणा के गुरुग्राम, सोहाना कैथल, कुरुक्षेत्र, नरवाना, रेवाड़ी, हिसार, सफीदों, जींद, पानीपत, गोहाना, हांसी, सोनीपत और रोहतक समेत ज्यादातर इलाकों में रविवार को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। दिल्ली के नरेला, जफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट, महरौली, छतरपुर, इग्नू, आयानगर में भी हल्की बारिश का अनुमान है।

  • ट्विन टावर गिराए जाने पर आने वाला खर्च सुपरटेक को ही करना है वहन

नोएडा। सुपरटेक एमराल्ड के महात्वाकांक्षी ट्विन टावर को गिराया जाना है। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से ट्विन टावर को गिराए जाने के आदेश के बाद प्रशासन भी अब हरकत में आ गया है। ट्विन टावर को गिराए जाने की कार्य योजना तैयार करने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। ट्विन टावर गिराए जाने की कार्य योजना तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई है.
जानकारी के मुताबिक इस विशेषज्ञ टीम में एनबीसीसी के पूर्व सीएमडी अनूप कुमार मित्तल, इंडियन डिमोलिशन एसोसिएशन और सीबीआरआई के अधिकारी भी शामिल हैं। इस कमेटी में शामिल अधिकारियों ने ट्विन टॉवर पहुंचकर निरीक्षण किया। इन अधिकारियों ने ट्विन टावर के बेसमेंट से लेकर सबसे ऊपर की मंजिल तक, हर चीज का बारीकी से निरीक्षण किया।
सुपरटेक एमराल्ड ट्विन टावर गिराए जाने की कार्य योजना तैयार करने के लिए गठित इस विशेषज्ञ टीम ने आसपास के भवनों और अन्य इमारतों का भी मुआयना किया। ट्विन टावर से उन इमारतों की दूरी की भी जांच की गई. कौन सी इमारत है जो 50 मीटर के दायरे में है? दोनों टावर की कौन सी मंजिल और किस स्थान पर विस्फोटक लगेगा, इसका भी आकलन किया गया।

  • कांग्रेस में नए नियुक्ति को लेकर सियासत तेज

विरोध में खड़े नजर आ रहे दर्जनों नेता

नोएडा। कांग्रेस पार्टी में हो रही नियुक्तियों पर विरोध के सुर नोएडा भी पहुंच गए हैं। कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी की तरफ से जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी की जगह दिनेश शर्मा को नियुक्त करने की घोषणा शुक्रवार रात को हुई है। इस घोषणा के साथ विरोध के सुर भी उठ गए हैं। कांग्रेस के कई पदाधिकारियों ने प्रियंका गांधी को खत लिखकर किसी दूसरे को जिलाध्यक्ष बनाने को कहा है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रियंका गांधी को लिखे खत में कहा है कि नया जिलाध्यक्ष जिसे नियुक्त किया गया है उसे पार्टी में आए मात्र डेढ़ साल हुआ है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के एक पूर्व में वायरल हुए विडियो का भी जिक्र इस खत में किया गया है। इसमें वह कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष पारुल चौधरी को अभद्र भाषा बोल रहे हैं।
24 से ज्यादा पदाधिकारियों के हस्ताक्ष्रर वाले खत में कहा गया है कि यदि पार्टी हाईकमान इस नियुक्ति पर दोबारा विचार नहीं करेगा तो कई पदाधिकारी इस्तीफा दे देंगे। मनोज चौधरी 4 साल से जिलाध्यक्ष थे। उन्होंने इस बदलाव पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
दिनेश शर्मा ने दी सफाई
वहीं इस मामले में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की रीति-नीति सबको साथ लेकर चलने की रही है। कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। प्रियंका गांधी ने जो जिम्मेदारी दी है उसे लेकर सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी एक साथ संघर्ष करने को तैयार हैं।
मैं सबको साथ लेकर पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव के लिए संगठन के लिहाज से मजबूत करने में जुटा हूं। कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र है और सबको अपनी बात कहने व सुनने का अधिकार है। सब मिलकर बैठकर विधानसभा चुनाव में पार्टी को विजय दिलाने का काम करेंगे।
नोएडा महानगर अध्यक्ष बदलने पर भी हुआ था विरोध
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की नई नियुक्ति पर जिस तरह पार्टी में घमासान मचा है, उसी तरह नोएडा महानगर अध्यक्ष बदलने पर भी हुआ था। कांग्रेस हाईकमान ने कई साल से नोएडा महानगर अध्यक्ष के पद पर डटे हुए शहाबुद्दीन को हटाकर राजकुमार तंवर को महानगर अध्यक्ष बनाया था। नोएडा महानगर अध्यक्ष को हटाने के बाद नॉर्थ व साउथ ब्लॉक कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे जावेद खान व मोविद खान ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

  • जेवर एयरपोर्ट जमीन अधिग्रहण करने के लिए किसान का विरोध शुरू


नोएडा। जेवर स्थित नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के जमीन अधिग्रहण की राह में विरोध का रोड़ा खड़ा हो गया है। किसानों ने जमीन अधिग्रहण के लिए जनसुनवाई से पहले कई सवालों के जवाब मांगे हैं। इनका जवाब मिलने के बाद ही जनसुनवाई में हिस्सा लेने की बात कही है।
दूसरी तरह नोएडा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत पहले चरण की 1335 हेक्टेयर जमीन को घेरने के लिए 18 किमी लंबी दीवार बनाने का काम जारी है। जिला प्रशासन को उम्मीद है किसान जल्द शुरू होने वाली जनसुनवाई में हिस्सा लेंगे।
किसानों की चार गुना मुआवजा सहित कई मांग
नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी ने इसके लिए सोशल इम्पैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। जिला प्रशासन की तरफ से जनसुनवाई शुरू होने से किसानों ने विरोध का बिगुल बजा दिया है। किसानों ने मेरठ के आयुक्त, डीएम, अपर जिलाधिकारी को खत लिखकर कई मांग की हैं।
किसानों ने खत में लिखा है पहले चरण में विस्थापित ग्रामीणों को हो रही समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो व ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार चार गुना मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने रोजगार को भी प्रमुख मुद्दा बना लिया है। किसानों का कहना है कि शासन के 25 अगस्त 2020 के जारी पत्र के अनुसार दूसरे चरण से प्रभावित क्षेत्र ग्रामीण आबादी है।
‘चार गुना मुआवजा’
इस हिसाब से उन्हें चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। इसके अलावा एक अप्रैल से मुआवजे पर 12 फीसदी वार्षिक ब्याज की भी मांग है। रोजगार की व्यवस्था व मुआवजा राशि से अन्य स्थानों पर जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क में छूट की मांग भी ग्रामीणों ने की है।
पहले चरण की जमीन पर बन रही 18 किमी लंबी दीवार
पहले चरण में अधिग्रहीत जमीन पर 18 किमी लंबी दीवार का काम चल रहा है। दीवार के बाहर तार फेंसिंग भी कराई जाएगी। गौरतलब है कि एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए रोही, रन्हेरा, पारोही, किशोरपुर, बनवारीवास व दयानतपुर गांव की 1335 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया गया है।

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[भाकियू नोएडा- ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को जाम करेगी

नोएडा। जनपद के तीनों प्राधिकरणों में किसानों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करेगी। जेवर, दनकौर, दादरी आदि के किसान जीरो प्वाइंट पर एकत्र होंगे। इसके बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जाम करेंगे। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
भाकियू उत्तर प्रदेश के महासचिव पवन खटाना ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण किसानों की मांगों को पूरा नहीं कर रहे हैं। आबादी के भूखंड, रोजगार, अतिरिक्त मुआवजा, बैक लीज समेत तमाम मुद्दे लंबित हैं। भाकियू के सुभाष चौधरी, अनित कसाना और सुनील प्रधान ने बताया कि जेवर, दनकौर और दादरी के किसान सोमवार को ग्रेटर नोएडा में जीरो प्वाइंट पर एकत्र होंगे। इसके बाद नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से आगे बढ़ेंगे। किसान अब प्राधिकरणों पर धरना देने के बजाय एक्सप्रेसवे जाम करेंगे।